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पहाड़ों का गुणा-गणित

बचपन में पहाड़े रटना,नंगे पैर,कड़ी धूप में किसी पहाड़ चढ़ने से कम नहीं लगता था.दिल सिहर उठता था जब भी कोई नया पहाड़ा याद करने को दिया जाता.पर अब उम्रे के इस तीसरे दशक में अनुभव होता है कि....

आगे कई और कुलदीप बनेंगी क्योंकि लड़कों से गलती होती रही है, होती रहेगी

क्योंकि, लड़को से गलतियां होती रहती हैं। और लड़कियों की मौत तो होती रहती है। या तो गर्भ में ही भ्रूण...

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क्यूंकि राजनीति में अपमान के प्रतिशोध से जन्म लेती है जयललिता…

एक चीज इन तीनों में कॉमन रही है कि तीनों ने अपमान का बदला को अपना व्यक्तिगत और राजनीतिक मिशन बनाया और इसी प्रतिशोध की आग से इनका राजनैतिक कैरियर भी चमक उठा.

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एक चिठ्ठी उनके नाम जिन्हें मैंने कभी देखा ही नहीं

तुम्हारी याद आ जाती है जब कोई अपनी नानी का ज़िक्र करता है और उस याद में तुम दिखती हो माँ जैसी, लाल साड़ी पहने, सर पर पल्ला डाले, माथे पर बड़ी सी लाल बिंदी…न तुम सिर्फ बहुत जल्दी इस दुनिया से चली गयी पर “पता है मेरी नानी कहती है” वाली मेरी कहानियाँ भी अपने साथ ले गयी.

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हर रेल दुर्घटना के बाद हमारी संवेदनाओं पर उठते कुछ शर्मनाक सवाल

पिछले हफ्ते कानपुर के पुखरायां में इंदौर-पटना एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है। दुर्घटना कितनी...

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एक वैज्ञानिक जिस पर टैगोर ने लिख डाली कविता….

एक वैज्ञानिक जिसे न केवल साहित्य में रूचि थी बल्कि अच्छा ज्ञान भी रखता था.रवीन्द्र जैसे चिरबंधु बसु को मिले जिन्होंने उनके गौरव पर एक बांग्ला कविता भी लिखी…

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अपने प्रयोग पर था इतना भरोसा कि चख लिया पोटेशियम साइनाइड

उन्होने एक पौधे पर पोटेशियम साइनाइड का प्रयोग किया किन्तु पौधा मुरझाने की बजाय और अधिक खिल उठा. पर उन्हें अपने प्रयोग पर गहरा भरोसा था. इस भरोसे को साबित करने के लिए उन्होने उस पदार्थ को उठाकर चख लिया. ये देखकर वहां बैठे रॉयल सोसाइटी के वैज्ञानिकों की चीख निकल गयी…

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हरमिंदर सिंह मिंटू की गिरफ्तारी

खालिस्तानी आतंकवादी हरमिंदर सिंह मिंटू के पंजाब के नाभा जेल से फरार होने और फिर गिरफ्तार हो जाने से सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस तो जरूर ली है पर फिर से वो सवाल चर्चा में आ गया है कि क्या पंजाब में फिर से खालिस्तान के उग्रवादी आन्दोलन को खड़ा करने की कोशिश की जा रही है? और क्या पंजाब का माहौल फिर से इस आन्दोलन के अनुकूल हो रहा है?

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जो दिल न लगे उसे कह दो बाय बाय #DearZindagi

Dear Zindagi जरुर देखिये अगर आपका कोई अपना,कोई दोस्त,साथी,परिवार में कोई भी डिप्रेशन से गुजर रहा है.दवाओं को अपना काम करने दीजिये आप बस पंख लगा दीजिये उसे..

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फिदेल कास्त्रो की स्मृति में…

कास्त्रो, इंदिरा गांधी को हमेशा से अपनी बहन मानते थे। मार्च 1983 में सातवें गुटनिरपेक्ष आंदोलन के समारोह के दौरान विज्ञान भवन दिल्ली में सरेआम इंदिरा जी को गले लगाया था और इंदिरा जी शर्मा गयी थी. कास्त्रो के बारे में जानिये कुछ और ऐसे तथ्य जो कम ही सुने गए है….

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प्यार, इश्क और लव कॉफ़ी….नॉट माय कप ऑफ़ टी…

मोहब्बत की ‘लत’ लगने से अच्छा मोहब्बत की ‘लात’ खा लो, और इन सब चोचलेबाज़ी से दूर रहो। लाइफ़ में पार्टनरशिप के नाम पर सिर्फ़ ‘पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप’ बची है। ‘committed’ होने के नाम पर suicide ‘commit’ करना ही बचा है। 3 मैजिकल वर्ड्स हमारे लिए हैं- या तो ‘i dont know’ या फिर ‘रिज़ल्ट आ गया।’

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एक थी टुनटुन…

महिला हास्य कलाकारों में कोई आज तक टुनटुन के बराबर नहीं पहुँच सकी. वजनदार शरीर को उन्होंने वजनदार अभिनय से अपनी ताकत बना लिया….

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पहाड़ों का गुणा-गणित

बचपन में पहाड़े रटना,नंगे पैर,कड़ी धूप में किसी पहाड़ चढ़ने से कम नहीं लगता था.दिल सिहर उठता था जब भी कोई नया पहाड़ा याद करने को दिया जाता.पर अब उम्रे के इस तीसरे दशक में अनुभव होता है कि….

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इस नन्हे चमत्कार को नमस्कार है…

जो नया बल्लेबाज मैदान पर आया उसे देख वहां खड़े अंपायर तथा मैच देख रहे सारे दर्शक भौंचक्का रह गए। इस नए बल्लेबाज ने थाई-गार्ड को अपना चेस्ट गार्ड बना रखा था और उसके सर पे बड़ा सा हेलमेट किसी तरह टिक सके इसके लिए उसने हेलमेट के अंदर अपनी रेगुलर कैप पहन रखी थी. जब वो स्टांस लेने क्रीज पे आया तो उसका कद स्टम्प्स से बस बमुश्किल कुछ इंच ज्यादा लम्बा था….

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नोटबंदी पर राज्यसभा में क्या कहा मनमोहन सिंह ने…

जो लोग यह कह रहे हैं कि नोटबंदी दूर भविष्य की दृष्टी से अच्छा है; उन्हें यह कहावत याद करनी चाहिए कि “दूर भविष्य में हम सब मृत होंगे।”
मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि क्या वह एक भी ऐसे राष्ट्र का नाम बता सकते हैं जहाँ के लोग अपना ही जमा किया हुआ पैसा निकाल नहीं सकते? ऐसे सवाल जिससे मनमोहन ने उड़ाई नोट बंदी योजना की धज्जियाँ…

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मैं उठना चाहता हूँ, दौड़ना चाहता हूँ, गिरना भी चाहता हूँ बस रुकना नहीं चाहता

फिल्म 3 इडियट के रैंचो का वो स्कूल याद है आपको. एक ऐसा स्कूल जहां अनोखे प्रयोग किए जाते थे. जहां...

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रौनक़ें जितनी यहाँ हैं कुछ औरतों के दम से हैं – इंदिरा गाँधी

दरवाजे पर खड़े सब-इंस्पेक्टर बेअंत सिंह ने उनका अभिवादन किया और दरवाजा खोला. जैसे ही श्रीमती गाँधी आगे बढीं, उसने अपनी पिस्टल निकाली और एक मीटर से भी कम फासले से उन पर दनादन गोलियां बरसाने लगा . श्रीमती गाँधी “अरे यह क्या…???” कहती हुई जमीन पर गिर पड़ी

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फ़राज़-ए-दार पे भी मैंने तेरे गीत गाए हैं, बता ऐ ज़िंदगी तू लेगी कब तक इम्तिहाँ मेरा

उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाके में बसा एक मामूली-सा शहर आजमगढ़. शहर की ऊबड़-खाबड़ सड़कों और बेतरतीब फैली...

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पहाड़ को इन्तजार है…

आज हमें अपने अतीत पर गर्व तो है कि हमारी जननी-जन्मभूमि पहाड़ हैं, लेकिन जब हम अपने वर्तमान और भविष्य की ओर देखते है तो महसूस होता है कि हम किस प्रकार अपने अतीत को तिल-तिल मरने को छोड़ आये हैं। पुरखों के बने मकानों को दीमकों के लिए छोड़ आये हैं।

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एक पाती अंजलि सचिन तेंदुलकर के नाम…

अपने जीवन के 24 साल आपने भी दिये हैं इस देश को इसलिये ये पाती लिखनी पड़ी, सचिन को द ग्रेट सचिन तेंदुलकर बनने दिया इसलिये ये पाती लिखनी पड़ी … श्रीमती अंजलि तेंदुलकर के नाम … सचिन के रिटायरमेंट पर आपने कहा था कि आप सचिन के बिना क्रिकेट की कल्पना कर सकती हैं पर क्रिकेट के बिना सचिन की नहीं … मैं कहता हूँ कि मैं आपके बिना सचिन की कल्पना नहीं कर सकता …

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नोट बैन के बाद एक इमानदार पॉकेटमार की व्यथा कथा…

नोटबैन होने के बाद व्यवस्था और नीयत परिवर्तन की ऐसी बयार चल रही है कि लोग ईमानदारी पर उतर आये हैं, कल तक मोहल्ले का मंगू पॉकेटमार जो, आपकी पॉकेट तब भी मार देता था, जब आप खुद ही पॉकेट में “हरिश्चंद्र की क़सम, पर्स से सारे पैसे बीवी ने शॉपिंग के लिए निकाल लिए हैं, कुछ नहीं है इसमें” का बोर्ड लगाकर भीड़ से घर जाते थे। वही मंगू आज, एक ईमानदार इंसान बन गया है

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आज एक सपना जन्मा था झारखंड के रूप में…

नया राज्य झारखंड बन चुका था। “आबुआ दिशुम,आबुआ राज” का सपना पुरा हो चुका था। सर उठा के देखा तो आसमान में आश्चर्यजनक रूप से एक इंद्रधनुष बन गया था। नीचे अबीर उड़ रहे थे।सुबह जिस कक्षा मे एक बिहारी के रूप मे घुसा था,अब बाहर आया तो मै झारखंडी हो चुका था। एक आँख बिहार के विरह में भीगी थी, दुसरी में झारखंड के लिए खुशी का पानी था।

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सलाम नेहरु

कई तर्क दिए जाते हैं आज की ‘पढ़ी-लिखी’ जेनरेशन द्वारा हमारे पहले प्रधान मंत्री को गाली देने के...

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जब तक रहे गंग जमन धारा, अटल रहे विश्वास हमारा-गुनाहों का देवता

तलाश  गुनाहों के देवता की तीसरी किश्त- दिन अपनी ढलान पर था, शाम हो आई थी, और अल्लापुर मोहल्ले का...

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जिंदगी@नॉर्थ कैम्पस

डीयू का North campus यानी दिल्ली का जन्नत, यहाँ की फिजाओं में कुछ तो ऐसा है कि इससे मुहब्बत हो जाती है. यहाँ हर एक कोने में हजारों किस्से कहानियां तैरती हैं

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लड़कियों तुम ज्योमेट्री बॉक्स नहीं हो, हर रूप में तुम खूबसूरत हो

इन्टरनेट  ने अगर दुनिया को हमारे क़दमों में पहुँचाया है तो हम सभी को एक कम्पटीशन में ला कर खड़े भी...

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गंगा जमुनी लहरों पर जब छठ मनाते हैं मुसलमान तब दिल कहता है, वाह मेरी जान हिंदुस्तान

कभी एक शायर नीलोत्पल मृणाल  ने कहा था- न गीता पढ़ता है न कुरान देखता है, हर शै में वो पागल...

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ये रहे पुरानी फिल्मों के वो डायलॉग्स जो आज भी लोगों की जुबान पर चढ़े हुए हैं

तीन दशक भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे गुजरे जो अपनी कुछ ख़ास पहचान के लिए हमेशा जाने जायेंगे. ये...

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जो देश मजहब के नाम पर औरतों के साथ ऐसा सलूक करता हो उसकी शर्ते मानने से मैं इनकार करती हूँ

भारतीय शूटर हिना सिद्धू ने ईरान में होने वाली  नौवीं एशियाई एयरगन शूटिंग चैंपियनशिप से अपना नाम...

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