ग्लोबल गुमटी

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पहाड़ को इन्तजार है…

पहाड़ को इन्तजार है…

आज हमें अपने अतीत पर गर्व तो है कि हमारी जननी-जन्मभूमि पहाड़ हैं, लेकिन जब हम अपने वर्तमान और भविष्य की ओर देखते है तो महसूस होता है कि हम किस प्रकार अपने अतीत को तिल-तिल मरने को छोड़ आये हैं। पुरखों के बने मकानों को दीमकों के लिए छोड़ आये हैं।

एक पाती अंजलि सचिन तेंदुलकर के नाम…

एक पाती अंजलि सचिन तेंदुलकर के नाम…

अपने जीवन के 24 साल आपने भी दिये हैं इस देश को इसलिये ये पाती लिखनी पड़ी, सचिन को द ग्रेट सचिन तेंदुलकर बनने दिया इसलिये ये पाती लिखनी पड़ी … श्रीमती अंजलि तेंदुलकर के नाम … सचिन के रिटायरमेंट पर आपने कहा था कि आप सचिन के बिना क्रिकेट की कल्पना कर सकती हैं पर क्रिकेट के बिना सचिन की नहीं … मैं कहता हूँ कि मैं आपके बिना सचिन की कल्पना नहीं कर सकता …

नोट बैन के बाद एक इमानदार पॉकेटमार की व्यथा कथा…

नोट बैन के बाद एक इमानदार पॉकेटमार की व्यथा कथा…

नोटबैन होने के बाद व्यवस्था और नीयत परिवर्तन की ऐसी बयार चल रही है कि लोग ईमानदारी पर उतर आये हैं, कल तक मोहल्ले का मंगू पॉकेटमार जो, आपकी पॉकेट तब भी मार देता था, जब आप खुद ही पॉकेट में “हरिश्चंद्र की क़सम, पर्स से सारे पैसे बीवी ने शॉपिंग के लिए निकाल लिए हैं, कुछ नहीं है इसमें” का बोर्ड लगाकर भीड़ से घर जाते थे। वही मंगू आज, एक ईमानदार इंसान बन गया है

कभी देखी थी बेइंतहा गरीबी और आज हैं कामयाबी के शिखर पर

कभी देखी थी बेइंतहा गरीबी और आज हैं कामयाबी के शिखर पर

कहते हैं कि जिंदगी में उम्मीद की डोर तब तक थामे रहनी चाहिए जब तक आपके अन्दर सांस बाकी है, कुछ कर गुजरने की आस बाकी है, और बाकी है संघर्षों के बीच अपनी पहचान बनाने की जिद. कोई मायने
सलाम नेहरु

सलाम नेहरु

कई तर्क दिए जाते हैं आज की ‘पढ़ी-लिखी’ जेनरेशन द्वारा हमारे पहले प्रधान मंत्री को गाली देने के लिए। मैं उनका कोई भक्त नहीं हूँ लेकिन उन बिंदुओं पर चर्चा तो की ही जा सकती है। कई लोग नेहरू को
जब तक रहे गंग जमन धारा, अटल रहे विश्वास हमारा-गुनाहों का देवता

जब तक रहे गंग जमन धारा, अटल रहे विश्वास हमारा-गुनाहों का देवता

तलाश  गुनाहों के देवता की तीसरी किश्त- दिन अपनी ढलान पर था, शाम हो आई थी, और अल्लापुर मोहल्ले का एक घर रंग बिरंगी टिमटिमाती लाइटों से जगमगाता हुआ ढीकचुक ढीकचुक फ़िल्मी और भोजपुरिया गानों में डूबा था….बीच बीच में
नए सिनेमा की नयी तस्वीर – हमारा नवाज

नए सिनेमा की नयी तस्वीर – हमारा नवाज

हमारा नवाज़! सिनेमा के परदे पर, हर चेहरा चमकता है। कुछ ही चेहरे होते हैं जिनको देखकर आंखों में चमक आती है। लगता है कि यार, सामने जो ऐक्टिंग कर रहा है, बंदा मुझ-सा ही दिखता है। नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी- Nawazuddin
जिंदगी@नॉर्थ कैम्पस

जिंदगी@नॉर्थ कैम्पस

डीयू का North campus यानी दिल्ली का जन्नत, यहाँ की फिजाओं में कुछ तो ऐसा है कि इससे मुहब्बत हो जाती है. यहाँ हर एक कोने में हजारों किस्से कहानियां तैरती हैं

क्रिकेट की दुनिया का ये रहस्य जान चौंक जायेंगे आप

क्रिकेट की दुनिया का ये रहस्य जान चौंक जायेंगे आप

आज के ही दिन ठीक 5 साल पहले यानी 11 नवंबर 2011 को कुछ ऐसा हुआ जिसे कुछ लोग तो महज संजोग मानते हैं लेकिन कुछ लोग उसे चमत्कार मानते है दरअसल इस दिन केपटाउन में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका
जो आपको सब कुछ बताता है, उसके बारे में भी जान लीजिये आप

जो आपको सब कुछ बताता है, उसके बारे में भी जान लीजिये आप

हम सब Google Search, Gmail, Google Maps व YouTube से भली भांति परिचित हैं। हम में से कई लोग Google द्वारा निर्मित प्लेटफॉर्म Android सॉफ्टवेयर वाले फोन प्रयोग कर रहे हैं। इसके अलावा गूगल स्वचालित कारें, AR ग्लासेस और भी
मजाक मजाक में सच हो गया देखिये सिम्पसंस ने 16 साल पहले क्या दिखाया

मजाक मजाक में सच हो गया देखिये सिम्पसंस ने 16 साल पहले क्या दिखाया

बात 16 साल पहले की है जब Bart to The Future नामक एक एपिसोड में प्रसिद्द अमरीकी कॉमिक सीरियल simpsons  में दिखाया कि Donald Trump राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ते हैं और आगे चलकर जीत जाते हैं। सन 2000
कन्नड़ फिल्म अभिनेताओं की मौत ने उठाए गंभीर सवाल

कन्नड़ फिल्म अभिनेताओं की मौत ने उठाए गंभीर सवाल

कन्नड़ फिल्म ‘मस्तीगुडी’  की शूटिंग के दौरान तीन कन्नड़ अभिनेताओं को छलांग लगाने को कहा गया और उनमें दो को तो बिना लाइफ जैकेट के ! मुख्य अभिनेता विजय के पास लाइफ जैकेट थी और वह तो बच गए पर
काजोल और अजय देवगन- गुनाहों का देवता

काजोल और अजय देवगन- गुनाहों का देवता

गुनाहों का देवता की दूसरी किश्त – रोज की तरह आज भी सुधा छज्जे पर कपडे सुखाने आई थी, और रोज की तरह आज भी चन्दर ठीक बगल वाले  पाड़े जी की छत पर लटका पड़ा था…… इधर सुधा का
छठ-जब नास्तिकता भी दंडवत हो जाए…

छठ-जब नास्तिकता भी दंडवत हो जाए…

ये बिहारी जो कहीं गाली तो कहीं होशियार, मेहनती आदि की कैटेगरी के जाने जाते हैं आजकल भारतीय रेल को जबरदस्त फायदा पहुंचा रहे हैं। उनकी संख्या जिसे जनसंख्या भी कहते हैं के हवाले से भारत के हर शहर का
गंगा जमुनी लहरों पर जब छठ मनाते हैं मुसलमान तब दिल कहता है, वाह मेरी जान हिंदुस्तान

गंगा जमुनी लहरों पर जब छठ मनाते हैं मुसलमान तब दिल कहता है, वाह मेरी जान हिंदुस्तान

कभी एक शायर नीलोत्पल मृणाल  ने कहा था- न गीता पढ़ता है न कुरान देखता है, हर शै में वो पागल हिंदुस्तान देखता है   यकीनन ये शेर लिखते समय उनके दिल में हिन्दुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब का ताना
ये रहे पुरानी फिल्मों के वो डायलॉग्स जो आज भी लोगों की जुबान पर चढ़े हुए हैं

ये रहे पुरानी फिल्मों के वो डायलॉग्स जो आज भी लोगों की जुबान पर चढ़े हुए हैं

तीन दशक भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे गुजरे जो अपनी कुछ ख़ास पहचान के लिए हमेशा जाने जायेंगे. ये दशक थे- सत्तर, अस्सी और नब्बे के. उस दौर की फिल्मों के डायलॉग्स आज भी लोगों की जुबान पर चढ़े हुए हैं
रॉक बैंड्स और प्रतिरोध की संस्कृति…

रॉक बैंड्स और प्रतिरोध की संस्कृति…

↼प्रतिरोध की संस्कृति और बैंड्स ↼ वैश्विक स्तर पर प्रतिरोध विभिन्न स्वरूपों में देखने को मिलते हैं . जुलूस , नारे , गीत , संगीत, कविता , प्रगीत , कथा , उपन्यास और न जाने कितनी ढेर सारी विधाओं के
आज तुम बहुत याद आते हो मोगैंबो….

आज तुम बहुत याद आते हो मोगैंबो….

डियर नियर ….मोगैंबो तुम्हारी जबर याद आ रही है तुम्हारे बिना तो आम्ताबच्चन भी अच्छा नहीं लगता,मुझे पता है तुम जहाँ भी होगे सुन रहे होगे, तुम्हारे जैसा विलेन मर ही नहीं सकता । पूरी मूवी में तो तुम ही
जो देश मजहब के नाम पर औरतों के साथ ऐसा सलूक करता हो उसकी शर्ते मानने से मैं इनकार करती हूँ

जो देश मजहब के नाम पर औरतों के साथ ऐसा सलूक करता हो उसकी शर्ते मानने से मैं इनकार करती हूँ

भारतीय शूटर हिना सिद्धू ने ईरान में होने वाली  नौवीं एशियाई एयरगन शूटिंग चैंपियनशिप से अपना नाम वापस ले लिया है. यह प्रतियोगिता दिसंबर में ईरान की राजधानी तेहरान में होगी. इस चैंपियनशिप में हिजाब पहनने की अनिवार्यता के चलते
महाबली हनुमान और टाइम मशीन

महाबली हनुमान और टाइम मशीन

महाबली हनुमान और टाइम मशीन बड़ी जोर की लड़ाई चल रही थी, दोनों तरफ के योद्धा घमाघम लड़ रहे थे,  प्रभु राम के तीर अपने करतब दिखा रहे थे,  पर जानलेवा रावण के आगे सब करतब फेल…….। अभी घर भेदी
उस जगह सिर्फ एक ही चीज़ सीखी- भूखे रहना

उस जगह सिर्फ एक ही चीज़ सीखी- भूखे रहना

अपनों को छोड़कर कामकाज की तलाश में बहुत सारे लोग देश के बाहर जाते हैं इन्हीं में से एक है सज्जाद अंसारी. मध्यम परिवार से है तो घर का खर्चा चलाने के लिए 8 साल पहले सऊदी अरब गए थे.
एक मजदूर ने बांटे करोड़ों के उपहार

एक मजदूर ने बांटे करोड़ों के उपहार

गुजरात के एक व्यापारी हैं सवजीभाई धोलकिया. हरेकृष्णा एक्सपोर्ट्स के नाम से हीरा और टेक्सटाइल कंपनी के मालिक हैं और करीब 5000 से ज्यादा कर्मचारी इनकी इंडस्ट्री में काम करते हैं. इनके यहां काम करने वाले कर्मचारी हिंदुस्तान की किसी
रेशम का रुमाल

रेशम का रुमाल

रेशम का रुमाल आज चन्दर कुछ ज्यादा ही चहक रहा था, सबेरे से ही एकदम लटपटा गया था, बाल संवार तो रहा था पर न जाने आज क्या हो गया था कि उसे पसंद नहीं आ रहा था, खैर जल्दी
लाइफ इन अ मेट्रो..

लाइफ इन अ मेट्रो..

लाइफ इन अ मेट्रो.. भीड़ से भरी मेट्रो में महिला सीट पर अपना क़ब्ज़ा जमाये औरत सरीखी लड़की। कानों में इयरफोन घुसाये , दाएँ हाथ में मार्कर से कुछ अंडरलाइन करते अंग्रेज़ी शब्द और बाँए हाथ में सिल्वर पेपर में
भारत बनाम इंडिया..

भारत बनाम इंडिया..

भारत बनाम इंडिया.. इस धरती पर जब आदम हव्वा ने  सेब खाया तब से क्लास एंड कल्चर का जन्म हो गया। हम अक्सर सुना करते हैं फंला कितना सिविलाइजड है अपने क्लास को कितना मेंटेन कर रखा है, आज के
थैंक यू टाइपिस्ट..

थैंक यू टाइपिस्ट..

थैंक यू टाइपिस्ट.. कहते हैं अगर कोई आपके लिये कुछ करे तो उसे धन्यवाद करना चाहिये । जो ऐसा नहीं करता वो ख़ुदग़र्ज़ होता है । पर जाने अनजाने में हम समाज के एक ऐसे धड़े को नज़रअन्दाज़ करते आये
बाईक की पहली राइड

बाईक की पहली राइड

बाइक की पहली राईड उस दिन पापा घर पर थे- रविवार जो था , छुट्टी का दिन … तो उनकी बाइक भी हमारे अहाते में ही पड़ी थी …बाइक भी राजदूत -एक जानदार सवारी एक शानदार सवारी… हम तब आठवीं
उसे धर्म ने नहीं मारा…

उसे धर्म ने नहीं मारा…

उसे धर्म ने नहीं मारा…धर्मान्धता ने मारा  कुछ दिन पहले एक जैन लड़की 68 दिन का उपवास करने के बाद मर गयी। बताते हैं कि धंधे में घाटा होने के कारण यह ‘पुण्य कार्य’ करवाया गया था। वहाँ के धर्म
एक चिट्ठी की चिट्ठी

एक चिट्ठी की चिट्ठी

मैं चिट्ठी हूँ| नमस्कार साहब, मैं चिट्ठी हूँ । वही जिससे रामअवतार बाबू ने अपने प्रेम प्रसंग की शुरूआत की थी । कभी उन्होंने मुझे लिफ़ाफ़े का पीला जाम़ा पहनाया , कभी अंतर्देशीय पत्र का गहरा नीला कोट । पर
आपकी भागीदारी