ग्लोबल गुमटी

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आगे कई और कुलदीप बनेंगी क्योंकि लड़कों से गलती होती रही है, होती रहेगी

आगे कई और कुलदीप बनेंगी क्योंकि लड़कों से गलती होती रही है, होती रहेगी

क्योंकि, लड़को से गलतियां होती रहती हैं। और लड़कियों की मौत तो होती रहती है। या तो गर्भ में ही भ्रूण के तौर पर और अगर बचकर पेट से पालने तक का सफर कर भी लिया तो आगे चलकर बठिंडा
क्यूंकि राजनीति में अपमान के प्रतिशोध से जन्म लेती है जयललिता…

क्यूंकि राजनीति में अपमान के प्रतिशोध से जन्म लेती है जयललिता…

एक चीज इन तीनों में कॉमन रही है कि तीनों ने अपमान का बदला को अपना व्यक्तिगत और राजनीतिक मिशन बनाया और इसी प्रतिशोध की आग से इनका राजनैतिक कैरियर भी चमक उठा.

क्या अमेरिका के आख़िरी राष्ट्रपति हैं ओबामा?

क्या अमेरिका के आख़िरी राष्ट्रपति हैं ओबामा?

बाबा वांगा (Baba Vanga) का नाम सुना है? इन्हें बाल्कन क्षेत्र की नास्त्रेदामस कहा जाता है. नास्त्रेदामस (Nostradamus) 16वीं शताब्दी में फ्रांस में हुए थे और विश्व के सबसे चर्चित भविष्यवक्ता माने जाते हैं. Baba Vanga बुल्गारिया की एक अंधी महिला
एक साल-केतना बहार, पूछे बिहार

एक साल-केतना बहार, पूछे बिहार

बिहार चुनाव का परिणाम आए ठीक एक  साल हो चला है , पिछले 9 नवंबर को ही जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस महागठबंधन ने भारी बहुमत हासिल की थी।आइये चर्चा करते हैं सालभर के उन मुद्दों; खासकर सरकार की उपलब्धियों और खामियों की जो
नयी पीढ़ी के लिए शारदा सिन्हा का छठ का उपहार

नयी पीढ़ी के लिए शारदा सिन्हा का छठ का उपहार

छठ पूजा का नाम बिना शारदा सिन्हा के अधूरा है| ऐसा लगता है जैसे, सूर्य, सूप, नदी की तरह शारदा सिन्हा के गीत भी इस महापर्व का अभिन्न अंग है| पहले अर्ध्य की शाम में घाटों पर धीरे धीरे ढलते
द्वितीय विश्वयुद्ध पर बनी बेहतरीन फ़िल्में: पार्ट 1

द्वितीय विश्वयुद्ध पर बनी बेहतरीन फ़िल्में: पार्ट 1

मानव इतिहास के सबसे खूनी संघर्ष द्वितीय विश्वयुद्ध (2nd World war) पर बनी विश्व सिनेमा की सबसे बेहतरीन फिल्मों की शृंखला की पहली कड़ी के रूप में हम पेश कर रहे हैं वैसी फिल्मों की सूची जिसमें युद्ध की विभीषिका का
आप क्यूँ चले गए निर्मल?

आप क्यूँ चले गए निर्मल?

डायरी में बंद इक सवाल  “मुझे तब लगा था – जैसे हम एक ऊंचाई को छू कर नीचे उतर रहे हैं…वह अब नहीं थी, लेकिन उसकी चकराहट बाकी थी… पगडंडी के अगले मोड़ पर पहुंचकर पहाड़ी खुल गई थी…और तब
बहुत हो गई पहलवानी अब दंगल होगा

बहुत हो गई पहलवानी अब दंगल होगा

बहुत हो गई पहलवानी अब दंगल होगा.. दंगल फिल्म के डायलॉग को हमें इस फिल्म की पृष्ठभूमि वाले  इलाके यानी हरियाणा के संदर्भ में देखना होगा. पहलवानी और कुश्ती का शौक तो यहां के खेतों की मिट्टी जितना पुराना होगा
इतिहास में भगत सिंह न होते अगर भाभी न होतीं

इतिहास में भगत सिंह न होते अगर भाभी न होतीं

दुर्गा भाभी  दुर्गा भाभी – दस दिसंबर 1928, लाहौर, एक गुप्त ठिकाने पर बैठक चल रही थी| माहौल में गम और गुस्सा दोनों कमरे की मद्धिम  रोशनी में भी साफ़ दिख रहा था| उत्तेजना के मारे कई मुट्ठियाँ भींची हुई
पता है, आज यह चिट्ठी कहाँ आकर लिख रही हूँ??

पता है, आज यह चिट्ठी कहाँ आकर लिख रही हूँ??

पहाड़ को प्रेमपत्र पता है, आज यह चिट्ठी कहाँ आकर लिख रही हूँ?? अल्मोड़ा. वहीं जहाँ तुम मुझे छोड़कर आगे के लिए बढ़ गए थे। इस बीच वो सारे पहाड़ घूम चुकी हूँ जिनके नाम मेरी हथेली पकड़कर मेरी उंगलियों
बुनियाद के बहाने

बुनियाद के बहाने

धारावाहिक का एक पात्र धारावाहिक का एक पात्र जब जब कैंसर से मरने की कगार पर होता है तब टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल के एक डॉक्टर ने धारावाहिक के लेखक मनोहर श्याम जोशी को सन्देश भिजवाया और कहा कि वे
शुक्रिया ड्रैकुला पौड़ी-गढ़वाल को बख्श देने के लिए

शुक्रिया ड्रैकुला पौड़ी-गढ़वाल को बख्श देने के लिए

धनोल्टी-पार्ट -1 धनौल्टी -जिसने भी ब्रेम स्टोकर की ड्रैक्युला पढी होगी उसे कार्पेथिया की पहाड़ियों में बसे ड्रैक्युला के महल की ओर जाने के रास्ते का रीढ़ सिहरा देने वाला वर्णन जरूर याद होगा। जब बग्घी ड्रैक्युला के क्षेत्र की
आपकी भागीदारी