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500 और 1000 के नोट बंद करने के निर्णय के तथ्य बिन्दुवार

कालेधन पर आज एक महत्त्वपूर्ण फैसला लेते हुये केंद्र सरकार ने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का ऐलान किया है। आपको बता दें कि ये नियम आज आधी रात से लागू हो जाएगा। जिनके पास 500 और 1000 रुपये के नोट हैं वो 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक बैंक और प्रमुख डाकघरों में जमा कराकर उसके बदले में वैध रकम ले सकते हैं।

बताया जा रहा है कि हाल में हुये आतंकी हमलों में इस्तेमाल किये गये काले धन के मद्देनज़र राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हाईलेवल मीटिंग हुई थी जिसमें तीनों सेनाओं के प्रमुख और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी शामिल हुए थे। उस मीटिंग में इस कदम पर चर्चा हुई थी.

जानिए इस कदम को बारीकी से :

  • इस दौरान चेक , डेबिट कार्ड,ऑनलाइन ट्रांजेक्शन  जारी रहेंगे.

  • पोस्ट ऑफिस, बैंक अधिक काउंटर के साथ अतिरिक्त समय कार्य करेंगे ताकि लोगों को पुराने नोट बदलने में कोई दिक्कत न आये

  • RBI ने आश्वस्त कहा है कि नये नोटों की प्रिंटिंग में उनकी कड़ी नज़र रहेगी

  • नये नोट की जो तसवीरें सोशल मीडिया में सर्कुलेट हो रही हैं वो सही है

  • FIU सभी बैंक्स से इस दौरान होने वाले लेन देन पर कड़ी नज़र रखेगा. इसके साथ साथ सभी ट्रांजेक्शन की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को रहेगी.

  • सभी ट्रांजेक्शन कैमरा  रिकार्डेड होंगे

  • इस पूरे बदलाव के लिये RBI हेड क्वार्टर में कण्ट्रोल रूम बनाये गये हैं

  • 2000 के नये नोट में मंगलयान  की तस्वीर होगी.

  • सरकारी अस्पतालों और फार्मेसी में अगले 72 घंटों तक 500 और 1000 के नोट लिये जायेंगे.

  • 9 नवम्बर को सभी bank बंद होंगे और 9 & 10 नवम्बर को एटीएम से पैसे नहीं निकाले  जा सकते.

  • 10000 की एक दिन में निकासी सीमा है जो एक हफ्ते में 20000 भारतीय रुपया होगी .

RBI गवर्नर उरिजित पटेल ने इसे एक साहसिक कदम बताया और कहा कि भ्रष्टाचार से लड़ने का सरकार का ये कठोर स्टेप है. जानकारों का कहना है कि इस कदम से उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में भी काले धन के इस्तेमाल पर रोक लगेगी.

इस खर्चीले दौर में करोड़ों रूपये चुनाव में खर्च हो जाते हैं. चुनाव आम आदमी की पहुँच से बहुत दूर हो चुका है. एसोसियेशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म्स की रिसर्च में भी यह बात साफ़ हो चुकी है कि देश में सिर्फ 16 फीसदी बुद्धिजीवी ही चुनाव लड़ते हैं. चुनाव लड़ने वाले शेष 84 फीसदी लोग खनन या शिक्षा माफिया हैं. बिल्डिंग बनाने वाले और ठेकेदार हैं. जिन लोगों के पास बेहिसाब सम्पत्ति है वही चुनाव लड़ पाते हैं.

ब्लैक मनी रखने वाले अपने पास बड़े नोट ही रखते हैं. चुनाव सर पर हैं. तैयारियां अंतिम चरण में हैं. कई लोगों के टिकट भी फाइनल हो चुके हैं ऐसे समय में अचानक बगैर समय दिए हुए प्रधानमंत्री ने तुरंत 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का एलान कर सियासी गणित गड़बड़ा दिया है.

500, 1000 के नोट पर रोक
Image source – realakhs.com

 

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