ग्लोबल गुमटी

cross raill

भारत बनाम इंडिया..

भारत बनाम इंडिया..

इस धरती पर जब आदम हव्वा ने  सेब खाया तब से क्लास एंड कल्चर का जन्म हो गया। हम अक्सर सुना करते हैं फंला कितना सिविलाइजड है अपने क्लास को कितना मेंटेन कर रखा है, आज के दौर में अंग्रेजी बोलना बतियाना खाना पीना भी क्लास कल्चर का मामला बनता जा रहा है। एक दौर में जातिवाद का बोल बाला था स्कूल कॉलेज नौकरशाही नेतागिरी सब में जातिवाद, वर्तमान भारत में एक नई जाति तैयार हो रही है अंग्रेजी और हिंदी बोलने वालों की। अगर आप समोसा ,भजिया, जलेबी खाने का शौक रखते हैं तो आप ऑएली मीठा खाने वाले हेल्थ के प्रति सजग व्यक्ति नहीं है बट अगर आप पिज्जा ,बर्गर ,मैगी खाते हो तो तो आप सिविलाइजड हैं।

मई के महीने में upsc का रिजल्ट आया था facebook से लेकर पान ठेला तक सब अंग्रेजी की महिमा का बखान कर रहे थे, देखो इस बार भी हिंदी मीडियम का रिजल्ट ठीक नहीं रहा, कुछ ने upsc को गाली दी, चिट्ठी पत्री का दौर भी चला। अब तो हाल ऐसा हो चला है की अंग्रेजी पी पीकर अंग्रेजीयत कोसा जाता है। किसी से सुना था अंग्रेजी में केवल 26 अक्षर होते हैं इसमें घबराने की बात नहीं है पर ना जाने क्यों अंग्रेजी का पिंड पीछा छोड़ती ही नहीं।

खुद को सिविलाइजड साबित करने के चक्कर में युवाओं का कशमकश जारी है सभी जगह भाषा को लेकर facebook whatsapp युद्ध चल रहे हैं सिविलाइजड बनने के चक्कर में युवा खासकर लड़कों की तो लगी पड़ी है । “एक लड़का जो अपनी जिंदगी जन्म में कभी कोल्ड कॉफी स्वीट कॉर्न न चखा हो वह गर्ल फ्रेंड फ्रेंड के चक्कर में नए-नए वेराइटी का टेस्ट कर रहा है मां-बाप के पैसों पर लड़के टीचर फिफ्टी का टेस्ट दोस्तों को बता रहे हैं भले ही बाप ने कभी अंग्रेजी पी ना हो” यह बात तो छोड़िए गांव देहात का आशिक अपनी लवर को प्रोपोज़ करेगा तो आई लव यू बोलेगा हिंदी में मैं तुमसे प्रेम करता हूं उसके लब से नहीं निकलते शायद ऐसा बोलने से प्रस्ताव ठुकराया जा सकता है

आइए जानते हैं  ये सिविलाइजड व्यक्ति कैसे होते हैं उनका चेहरा आत्मविश्वास से जगमग होता है, चलते फिरते खाते पीते अपने चेहरे को गंभीरता की शक्ल देते हैं यह गुटका पान का शौक नहीं रखते, सिगरेट पीते हैं पता नहीं इनका कोई मैसेज आए या ना आए बार बार अपने फोन को चेक करते रहते हैं ,खाने-पीने सार्वजनिक शौचालयों के लिए हाइजीनिक शब्द का प्रयोग करते हैं इस कारणवश अपने पेशाब को घंटो तक चाप कर रखते हैं , यह ट्रेन बस में यात्रा करते हुए अंग्रेजी में मैगजीन  चेतन भगत जैसे उपन्यास पर अपनी आंखें गड़ाए रहते हैं भले ही दो लाइन ठीक से ना पढ़ पाए

अब क्लास को मेंटेन करना कितना जरुरी हो गया है पर  क्या करें भाई हमें तो पसंद ही नहीं आता पिज्जा बर्गर हमारा काम तो बीड़ी से भी चल जाता है स्टाइलिश क्लासिक आदमी बनने के चक्कर में खुद को भूलना नहीं आता है —

-संकल्प कुमार भगत

– (लेखक छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाके सरगुजा से आते हैं और फिलहाल दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे हैं। )

5 Comments on “भारत बनाम इंडिया..

  • Wow classic definition of civilized people by an author…Before this post i only know the true meaning of civilized as..having or showing polite or reasonable behaviour or typical of a comfortable pleasant way of life or elevate in a private life or having customs and laws that are fair and morally acceptable.but now as indicated above author tries to propagate every english speaking or pro english people as civilized and rest others as a victim of this civilization or civilized people..i would like to suggest that as ur forum name is GLOBAL GUMTI so,please reduce this parochial sentiments and try to integrate one’s thought with others

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