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सीता-रावण :एक प्रेमगाथा

सीता-रावण :एक प्रेमगाथा

सीता-रावण :एक प्रेमगाथा   त्रेता युग की बात है , दशरथ द्वारा राम के वनवास का आदेश निकाला जा चुका था, इस बात से सीता काफी रोमांचित थी। जबसे सीता मिथिला से आयी थी कही घूमने नहीं जा पायी थी
कब तक सबको राष्ट्रद्रोही और गद्दार का सर्टिफिकेट देते रहेंगे?

कब तक सबको राष्ट्रद्रोही और गद्दार का सर्टिफिकेट देते रहेंगे?

अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाना अच्छी बात है. अपने जजमेंट से उसकी की प्रासंगिकता मत ख़त्म कीजिए.अग़र किसी ने आवाज़ उठाई है तो उसे समर्थन नहीं दे सकते तो…

क्या आज की शादी में भी कुंडली मिलान जरूरी है ?!

क्या आज की शादी में भी कुंडली मिलान जरूरी है ?!

कुंडली मिलान की औचित्यता पर सवाल कुंडली मिलान समय की रफ्तार के साथ धीरे- धीरे मंद पड़ने लगा है ! वक्त का तकाजा भी है कि बरसों से उपजे प्रेम को सिर्फ एक झटके में तोड़ कर खाक बना देने
क्या शिक्षा भी भाग्य भरोसे हो चली ….?

क्या शिक्षा भी भाग्य भरोसे हो चली ….?

हमारे शासकों को बस-रेलवे-हवायान तो स्मार्ट दिखता है,पर पाठशाला की जर्जर होती छतें भारत का त्यागा हुआ इलाका लगती हैं. इसलिए आओ! और आकर भारत का भाग्य सँभालोे।

ताकि स्वच्छ, सलामत, और स्वाभिमानी रहे भोजपुरी…

ताकि स्वच्छ, सलामत, और स्वाभिमानी रहे भोजपुरी…

ताकि स्वच्छ, सलामत, और स्वाभिमानी रहे भोजपुरी…अपनी मातृभाषा की अस्मिता की तलाश असल में अपनी जड़ों के साथ कहीं गहरे लगी हुई अपनी मिट्टी, अपनी परंपरा और इस अर्थ में स्वयं अपनी तलाश का प्रयास होता है. अपनी माईभाषा से लगाव भले व्यक्ति का निजी भावनात्मक मामला लगे पर वास्तव में यह इससे कहीं ऊपर सारे समाज के हित से जुड़ता है. ऐसे में आखर और अम्बा जैसे संघर्षों और आन्दोलनों की लड़ाई सिर्फ एक भाषा के उत्थान की नहीं रह जाती यह उस भाषा से जुड़े समूचे समाज में स्वाभिमान के दबे अलाव को सुलगाने की कोशिश बन जाती है

मान मत दो तुम मुझे अपमान दे दो, मैं बहुत आभार मानूँगा तुम्हारा

मान मत दो तुम मुझे अपमान दे दो, मैं बहुत आभार मानूँगा तुम्हारा

भिखारी भी बाक़ी भिखारियों से ज़्यादा कमाने से उनके सामने तीस मार खाँ बन सकता है। दिखावा हमारी शान बन गया है। आदमी हवाईजहाज़ में बैठता बाद में है, पहले फ़ेसबुक पर status डालता है।

मैं उठना चाहता हूँ, दौड़ना चाहता हूँ, गिरना भी चाहता हूँ बस रुकना नहीं चाहता

मैं उठना चाहता हूँ, दौड़ना चाहता हूँ, गिरना भी चाहता हूँ बस रुकना नहीं चाहता

फिल्म 3 इडियट के रैंचो का वो स्कूल याद है आपको. एक ऐसा स्कूल जहां अनोखे प्रयोग किए जाते थे. जहां बच्चों को ऐसी तकनीक सिखाई जाती थी जो किसी अजूबे से कम नहीं थी. न तो आप स्कूल को
एक पाती अंजलि सचिन तेंदुलकर के नाम…

एक पाती अंजलि सचिन तेंदुलकर के नाम…

अपने जीवन के 24 साल आपने भी दिये हैं इस देश को इसलिये ये पाती लिखनी पड़ी, सचिन को द ग्रेट सचिन तेंदुलकर बनने दिया इसलिये ये पाती लिखनी पड़ी … श्रीमती अंजलि तेंदुलकर के नाम … सचिन के रिटायरमेंट पर आपने कहा था कि आप सचिन के बिना क्रिकेट की कल्पना कर सकती हैं पर क्रिकेट के बिना सचिन की नहीं … मैं कहता हूँ कि मैं आपके बिना सचिन की कल्पना नहीं कर सकता …

नोट बैन के बाद एक इमानदार पॉकेटमार की व्यथा कथा…

नोट बैन के बाद एक इमानदार पॉकेटमार की व्यथा कथा…

नोटबैन होने के बाद व्यवस्था और नीयत परिवर्तन की ऐसी बयार चल रही है कि लोग ईमानदारी पर उतर आये हैं, कल तक मोहल्ले का मंगू पॉकेटमार जो, आपकी पॉकेट तब भी मार देता था, जब आप खुद ही पॉकेट में “हरिश्चंद्र की क़सम, पर्स से सारे पैसे बीवी ने शॉपिंग के लिए निकाल लिए हैं, कुछ नहीं है इसमें” का बोर्ड लगाकर भीड़ से घर जाते थे। वही मंगू आज, एक ईमानदार इंसान बन गया है

कभी देखी थी बेइंतहा गरीबी और आज हैं कामयाबी के शिखर पर

कभी देखी थी बेइंतहा गरीबी और आज हैं कामयाबी के शिखर पर

कहते हैं कि जिंदगी में उम्मीद की डोर तब तक थामे रहनी चाहिए जब तक आपके अन्दर सांस बाकी है, कुछ कर गुजरने की आस बाकी है, और बाकी है संघर्षों के बीच अपनी पहचान बनाने की जिद. कोई मायने
क्रिकेट की दुनिया का ये रहस्य जान चौंक जायेंगे आप

क्रिकेट की दुनिया का ये रहस्य जान चौंक जायेंगे आप

आज के ही दिन ठीक 5 साल पहले यानी 11 नवंबर 2011 को कुछ ऐसा हुआ जिसे कुछ लोग तो महज संजोग मानते हैं लेकिन कुछ लोग उसे चमत्कार मानते है दरअसल इस दिन केपटाउन में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका
गंगा जमुनी लहरों पर जब छठ मनाते हैं मुसलमान तब दिल कहता है, वाह मेरी जान हिंदुस्तान

गंगा जमुनी लहरों पर जब छठ मनाते हैं मुसलमान तब दिल कहता है, वाह मेरी जान हिंदुस्तान

कभी एक शायर नीलोत्पल मृणाल  ने कहा था- न गीता पढ़ता है न कुरान देखता है, हर शै में वो पागल हिंदुस्तान देखता है   यकीनन ये शेर लिखते समय उनके दिल में हिन्दुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब का ताना
रॉक बैंड्स और प्रतिरोध की संस्कृति…

रॉक बैंड्स और प्रतिरोध की संस्कृति…

↼प्रतिरोध की संस्कृति और बैंड्स ↼ वैश्विक स्तर पर प्रतिरोध विभिन्न स्वरूपों में देखने को मिलते हैं . जुलूस , नारे , गीत , संगीत, कविता , प्रगीत , कथा , उपन्यास और न जाने कितनी ढेर सारी विधाओं के
आज तुम बहुत याद आते हो मोगैंबो….

आज तुम बहुत याद आते हो मोगैंबो….

डियर नियर ….मोगैंबो तुम्हारी जबर याद आ रही है तुम्हारे बिना तो आम्ताबच्चन भी अच्छा नहीं लगता,मुझे पता है तुम जहाँ भी होगे सुन रहे होगे, तुम्हारे जैसा विलेन मर ही नहीं सकता । पूरी मूवी में तो तुम ही
महाबली हनुमान और टाइम मशीन

महाबली हनुमान और टाइम मशीन

महाबली हनुमान और टाइम मशीन बड़ी जोर की लड़ाई चल रही थी, दोनों तरफ के योद्धा घमाघम लड़ रहे थे,  प्रभु राम के तीर अपने करतब दिखा रहे थे,  पर जानलेवा रावण के आगे सब करतब फेल…….। अभी घर भेदी
आपकी भागीदारी