ग्लोबल गुमटी

आगे कई और कुलदीप बनेंगी क्योंकि लड़कों से गलती होती रही है, होती रहेगी

क्योंकि, लड़को से गलतियां होती रहती हैं। और लड़कियों की मौत तो होती रहती है। या तो गर्भ में ही भ्रूण के तौर पर और अगर बचकर पेट से पालने तक का सफर कर भी लिया तो आगे चलकर बठिंडा से लेकर बैंगलोर तक कोई बिल्ला बैठा ही है गलती करने के लिए।

आखिर शिल्पी जैन, जेसिका लाल, प्रियदर्शिनी मट्टू, निर्भया या उत्तरप्रदेश की दो नाबालिग बहनें हो किसी की हत्या थोड़ी की गयी थी, वो तो लड़कों की गलतियां करने के दौरान बस गलती से मर गयी थीं। और लड़कों की गलतियों का दराज इतना बड़ा है कि उसमें बलात्कार, हॉनर किलिंग, एसिड अटैक, दहेज़ हत्या सबकी फ़ाइल आराम से एडजस्ट हो जाती है।

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अब लड़का आपका है वो जो भी करे, आपको बस इतना करना है कि उसकी फ़ाइल को फोल्ड करके ऊपर “गलतियां सेक्शन” का लेबल डालके चुपचाप उस दराज में सरका दीजिये, जहां पहले से पड़ी कई फाइलों में ये वाली गलती भी छुप जायेगी और तब तक आपके लड़के नयी फ़ाइल खोल चुके होंगे। दाग तब दाग कहलाते हैं जब सफ़ेद कॉलर पर पड़ जाएं, रंगीन कपड़े पे तो लाल खून के दाग अच्छे हैं।

अब मिस बिहार जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जीतने वाली शिल्पी जैन, रईसों की पार्टियों में बारटेंडर का काम करने वाली मॉडल जेसिका लाल, दिल्ली जैसे बड़े शहर में अकेली और स्वतंत्र रहने वाली वकील प्रियदर्शिनी मट्टू और आर्केस्ट्रा में डांस कर अपने परिवार का पेट भरने वाली कुलविंदर कौर का चरित्र तो बकौल उनके नादान हत्यारों के रंगीन ही था। और निर्भया की बदचलनी की गवाही देने के लिए उसके बलात्कारी और उसके वकील से बेहतर कौन हो सकता था क्योंकि उनके अनुसार निर्भया की बदचलन हरकत ने ही पांच लड़को को गलती करने पर विवश कर दिया नहीं तो वे तो बलात्कार के अपने सामाजिक और नैतिक दायित्व से बेपरवाह होकर शराब पीकर एक बस लेकर तफरीह कर रहे थे जब उन्होंने एक लड़की को घर जाने के लिए किसी गाड़ी का इंतजार करते देखा और समाज के व्यापक हित में उन्होंने इस उच्छश्रृंखलता के लिए बेहद साहसिक दंड दे दिया।

तो असल में लड़कों की इन हरकतों को गलती कहना भी उनके साथ अन्याय है क्योंकि बचपन से नैतिक शिक्षा की कक्षा और पाठ्यपुस्तकों में यही सिखाया गया है कि बड़ी शक्ति के साथ बड़ी जिम्मेवारी आती है। और शक्ति चाहे बन्दुक से आये, आर्थिक-सामाजिक-राजनैतिक हैसियत से आये या केवल मर्द होने भर से आये, पर उसके साथ आयी जिम्मेवारी का पालन तो करना चाहिए, तो यही मनु शर्मा, संतोष सिंह, निर्भया के बलात्कारियों ने किया और यही जिम्मेवारी तीन दिसंबर की रात बठिंडा में बिल्ला ने निभा दी कुलदीप कौर को गोली मारकर।

 

जाओ कुलदीप हम तो ऐसे वीडियो देखकर विचलित होते ही रहेंगे, पर तुम समाज की शक्ति प्रदर्शन की परंपरा के निर्वहन की नयी मिसाल बनी हो। आगे कई और कुलदीप बनेंगी क्योंकि लड़कों से गलतियां हो जाती हैं और होती रहेंगी।

 

निशीथ सिंह

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2 Comments on “आगे कई और कुलदीप बनेंगी क्योंकि लड़कों से गलती होती रही है, होती रहेगी

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