ग्लोबल गुमटी

दंगल

बहुत हो गई पहलवानी अब दंगल होगा

बहुत हो गई पहलवानी अब दंगल होगा..

दंगल फिल्म के डायलॉग को हमें इस फिल्म की पृष्ठभूमि वाले  इलाके यानी हरियाणा के संदर्भ में देखना होगा. पहलवानी और कुश्ती का शौक तो यहां के खेतों की मिट्टी जितना पुराना होगा पर जब यहाँ  के खेतों का भी दर्जा औरतों से ज्यादा दिखने लगे तो उन्हें खुद यही मिट्टी अपने शरीर पर लगा कर दंगल में उतरना ही होगा.

महावीर फोगाट और उनकी 4 बेटियों की इनक्रेडिबल टू स्टोरी पर आधारित फिल्म दंगल  का ट्रेलर 19 अक्टूबर  को रिलीज हुआ और इसे अब तक यानी 22 अक्टूबर सुबह 7:00 बजे तक 1 करोड़ 45 लाख 42 हजार 374 लोगों ने youtube पर देख लिया है. शायद अकेले महावीर फोगाट के जेहन में  जो बात बहुत देर से समझ में आई वह इन करीब डेढ़ करोड़ कानों तक तीन दिन में  पहुँच गयी और उम्मीद कर सकते हैं  कि फिल्म की रिलीज डेट 23 दिसंबर तक कई और कानों के रास्ते उनके भी जेहनों तक पहुंचेगी कि गोल्ड तो गोल्ड होता है छोरा लावे या छोरी.

ट्रेलर में डायलॉग बहुत सरल लगते हैं क्योंकि दंगल में शरीर के पेंचो-पैंतरों की जरुरत पड़ती है ना कि जबानी पैंतरों की. चक दे और मैरी कॉम के बाद स्पोर्ट्स में महिलाओं पर बनी यह तीसरी बड़ी फिल्म है. चक दे में अलग-अलग तरह की मुश्किलों से जूझकर आयी लड़कियों को फाइटिंग स्पिरिट के सैंपल  के रूप में दिखाया गया था और मैरी कॉम में अपनी गरीबी और परिवार की जिम्मेवारियों से उपजी मुश्किलों को पंच दर  पंच वार से हराती एक मणिपुरी लड़की के विश्व चैम्पियन बनने के सफ़र पर फोकस किया गया था वहीं दंगल में पुरुषों की प्रधानता वाले खेल और समाज की मान्यता से एक पिता और उसकी बेटियों के टकरा जाने की कहानी कहने की कोशिश की गई है, कम से कम फिल्म का ट्रेलर देख कर तो ऐसा ही लगता है.

ट्रेलर में आमिर खान की जवानी और अधेड़ दो रूप दिखते हैं.  इन दोनों अवस्थाओं के शरीर में अंतर देख कर मालूम चलता है कि क्यों हिंदी सिनेमा में आमिर खान को परफेक्ट पहलवान कहा जाता है. इन दो शरीरों में अंतर दिखाने के लिए आमिर ने पहले 40 किलो वजन बढ़ाया और फिर कम किया. ये तथ्य जान जाने के बाद  ऐसा लगता है कि ट्रेलर में आमिर ये डायलोग खुद अपने लिए कह रहे हों कि मिसालें दी जाती हैं भूली नहीं जाती.

उम्मीद करनी चाहिए कि महावीर फोगाट और गीता-बबीता के जज्बे की उपलब्धि ये नहीं मानी जायेगी कि उनपर बनी फिल्म स्क्रीन से उतरने के पहले कितने सौ करोड़ की कमाई करेगी बल्कि  यह मानी जायेगी इस फिल्म के चलते विश्व सिनेमा के अखाड़े में अपना तिरंगा सबसे ऊपर लहराएगा और ट्रेलर देखकर तो यकीन जगता है कि जरूर लहराएगा. आखिर महावीर फोगाट की छोरियां छोरों से कम है के?

निशीथ सिंह 

 

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