ग्लोबल गुमटी

First bike ride

बाईक की पहली राइड

बाइक की पहली राईड

उस दिन पापा घर पर थे- रविवार जो था , छुट्टी का दिन … तो उनकी बाइक भी हमारे अहाते में ही पड़ी थी …बाइक भी राजदूत -एक जानदार सवारी एक शानदार सवारी… हम तब आठवीं में पढ़ते होंगे … अभी बाइक चलाना सीख ही रहे थे पापा की निगरानी में … वैसे सीख तो हम पहले दिन ही गये थे लेकिन पापा का कड़ा निर्देश था – तुम अकेले नही चलाओगे – कोई न कोई बड़ा साथ रहेगा … और जबतक तुम्हारा ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन जाता तबतक रोड पर गाड़ी बिलकुल नहीं निकालनी है … हमें भी कौन सा उनकी नाफरमानी करके बाइक से दूर रहना था ?… सो उनकी बात मान लिया करते थे … लेकिन अंदर ही अंदर पापा को ये बताने का मन करता था कि अब हम बड़े हो गये हैं ….

तब जोश था कि छा जाना है … सबको दिखाना है कि अब हम पापा के जूतों में पाँव डालने लायक हो गये हैं …आज की जेनेरेशन की तरह हमलोग बाइक को लेकर अपना जूनून दिखा भले ही नहीं पाते थे पर लगता था कि बस एक किक और  “मुक़द्दर का सिकंदर” वाले अमिताभ बच्चन साहब हमसे स्टाइल के फ़न्डे सीखेंगे … “फूल और काँटे” के अजय देवगन का टशन हमारे सामने फ़ीका पड़ जाएगा … उस समय तक “धूम” नहीं आई थी पर हम भविष्य के जॉन अब्राहम होने का जिगरा रखते थे – ये दीगर बात है कि पर्सनालिटी में उससे बस  पचास प्रतिशत ही कम थे … पर सबसे बड़ा सवाल ये था कि पापा से बोलें कैसे कि एक हीरो को परदे पर आने के लिये उनकी एक “हाँ” का इंतज़ार है …

हर इतवार की तरह उस दिन भी हम , पापा और हमारी वो बाइक मैदान में थे …  इस बार भी राउण्ड लगाते हुए हम उस जगह पहुँचे जो मैदान को रोड से जोड़ता था … हमने बाइक का इंजन बन्द करके एक बार पापा को देखा … वो भी हमारी बात समझ गये थे शायद …मुस्कुरा कर बोले -“हम घर रिक्शे में आ जायेंगे …”  पहली बार हमें लगा कि ये बाइक की नहीं बल्कि हमारे उस ख़ास सपने की चाभी है … उस बार किक नहीं बल्कि अपनी उस झिझक को लात मारी हमने जो हमें हमारे बारे में बतलाने से रोकती आई थी अबतक … क्लच नहीं बल्कि पूरी दुनिया मुट्ठी में कर रहे थे हम … आज हमारे पाँव के नीचे गियर नहीं बल्कि सारा आसमान था … हमने बाइक सड़क की ओर ले ली थी … हवा आज हमारा भी बाल कुछ -कुछ वैसे ही उड़ा रही थी जैसा फिल्मों में देखते आये थे … हमारी बाइक ने अब रफ़्तार पकड़ ली थी…

 

first bike ride

लेखक मनु रीता आशीष मूलतः बिहार के सासाराम से हैं और पेशे से इंजीनियर हैं| फिलहाल दिल्ली में कार्यरत हैं|

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