ग्लोबल गुमटी

Dear Mogambo

आज तुम बहुत याद आते हो मोगैंबो….

डियर नियर ….मोगैंबो

तुम्हारी जबर याद आ रही है तुम्हारे बिना तो आम्ताबच्चन भी अच्छा नहीं लगता,मुझे पता है तुम जहाँ भी होगे सुन रहे होगे, तुम्हारे जैसा विलेन मर ही नहीं सकता । पूरी मूवी में तो तुम ही राज करते थे लास्ट में तुम्हारे साथ थोड़ा बुरा हो जाता था। ये सारी करतूते मुझे पता है निर्देशक की रहती थी,काश तुमने हॉलीवुड की तरफ रुख किया होता ….तब देखता ये निर्देशक और हीरो तुम्हारा क्या कर लेते (हालांकि मुझे पता है जेम्स बांड या मिशन इम्पॉसिबल जैसी मूवी में तुम विलेन नही बनते) ,तुम्हारे जाने के बाद बालीवुड खाली खाली सा लग रहा है, तुम जहाँ भी हो आ जाओ,लोगों को तुम्हारे बिना मजा नहीं आ रहा,लोग तुम्हे जितनी पेट भर भर गालियां देते थे और तुम्हारे मरने पर खुश होते थे अब बेचैन हैं क्योंकि आज का हीरो तुम्हारे बिना निठ्ठला पड़ा है।जानते हो यहाँ…. हाँ यहीं जहाँ मैं रहता हूँ गुंडे बहुत बढ़ गए हैं , लोग डरे हुए हैं चूँकि रियल जिंदगी में तो कोई आम्ताबच्चन है नहीं लेकिन छुपे हुए गुंडे भरे पड़े हैं। जानते हो तुम्हारी कई बातों में से एक बात जो मुझे बेहद अच्छी लगती थी कि तुम घोषित धूर्त थे सब सतर्क रहते थे तुमसे ,सिवाय हीरो के ….लेकिन रियल जिंदगी के विलेन तो छिपे हुए हैं बड़े घाघ हैं साले और तुम क्या थे तुमसे भी बेरहम….।तुम हर नई मूवी के साथ मरने के लिए चले आते थे बड़े साहसी हो तुम,और पूरी मूवी हीरो भाईसाहब की बैंड बजाए रहते थे ।

तुम्हारे अंदर कुछ अच्छाइयां भी थी ….हम्म मुझे पता है तुम्हें जरूर जेल वेल हुई है,या कोई मूवी ख़तम हुई है नई मूवी बना रहे होगे… हम्म डियर नियर मोगैम्बो गब्बर के बाद तुम्ही थे जिसे मैं विलेन होने के बावजूद पसन्द करता था ।

जानते हो यहाँ सब हीरो बनना चाहते हैं लेकिन रियल लाईफ में बेहद स्वार्थी,धूर्त और अवसरवादी हैं ये; सूरज पंचोली वाली बात तो सुनी होगी तुमने और यह भी पता होगा कि सलमान भाईसाहब भी छूट गए हैं और किस-किस को गिनाऊँ ,सच-सच बताना इन सबको कैसे अदालतों की आँख में धूल झोंकना है तुम तो नही सीखा रहे ,मुझे भारी शक है….पर फिर लगता है तुम तो आम जिंदगी में एक बड़े अच्छे इंसान थे तुम ऐसा नही करोगे, तुम तो मूवी के अंत में मर भी जाते थे ये तो छुट्टे घूम रहे हैं पूरी शोहरत के साथ,ना भाई तुम ये कर ही नहीं सकते….

जानते हो विदर्भ वहीं है न महाराष्ट्र में ,जहाँ बॉलीवुड है, जहाँ सारे हीरो पैदा होते हैं,वहीं सूखा पड़ा है ।सारे अरबपति हीरो आँखों पर पट्टी बांधे अपनी दुनिया में मस्त हैं तुम रहते तो थोड़ा बहुत शर्म तो तुम्हें भी आ जाती……लेकिन देखो न ये हीरो होकर तुम से आगे निकले जा रहें हैं, अब ऐसा न हो कि ये विलेनगिरी में तुम से बहुत आगे निकल जाये और तुम बाद में इनका पीछा भी न कर सको…ऐसे में तुम अपने रोल से हाथ धो बैठोगे और तुम्हें हीरो का रोल करना पड़ेगा और पूरी मूवी तुम रोते फिरोगे,तब तुम मुझसे मत कहना की मैंने तुम्हें बतायाबताया तक नही…तुमने चूँकि मुझे बहुत डराया धमकाया है पर हर बार बुराइयों के साथ मरकर मुझे ख़ुशी भी दी है इसलिए मैं तुम्हें नसीहते दे रहा हूँ जहाँ भी हो चले आओ, जेल कूदकर, हीरो को मारकर, अदालत की आँख में धूल झोंककर एक बार फिर आ जाओ….विजय माल्या को तो बुला नही सकता…लेकिन तुम तो समझते हो सबकुछ …..बस अब इसीलिए आ जाओ…

13419001_1128539820551003_2767719045553001134_nदीपक जायसवाल

लेखक मूलतः कुशीनगर, उत्तरप्रदेश से हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य की पढाई की है। लिखने-पढ़ने का शौक रखते हैं। इनके लेख और रिपोर्ट्स कई पत्र-पत्रिकाओं में छपते रहते हैं। संप्रति उत्तरप्रदेश सरकार की सेवा में कार्यरत हैं|

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4 Comments on “आज तुम बहुत याद आते हो मोगैंबो….

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